मैं गिरा हूँ,
मगर हारा नहीं,
रास्तों ने रोका है,
मैं ठहरा नहीं।
कुछ सपने अधूरे हैं,
कुछ रास्ते अनजान,
फिर भी दिल में
जलता है एक अरमान।
वक्त चाहे जितना
आजमाता रहे,
मैं अपनी कहानी
खुद लिखता रहूँगा।
क्योंकि मंज़िल दूर सही,
सफर अभी बाकी है,
और सच कहूँ—
मैं अभी बाकी हूँ।





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