बारिश के बाद
भीगी हुई मिट्टी ने
फिर से कुछ कहा,
सूखे पत्तों पर ठहरी बूँदों ने
बीते मौसम का पता दिया।
आसमान साफ़ था,
मगर मन में
कुछ बादल अब भी बाकी थे।
शायद हर बारिश
सिर्फ़ धरती को नहीं,
किसी पुराने एहसास को भी
भिगो जाती है।

बारिश के बाद
भीगी हुई मिट्टी ने
फिर से कुछ कहा,
सूखे पत्तों पर ठहरी बूँदों ने
बीते मौसम का पता दिया।
आसमान साफ़ था,
मगर मन में
कुछ बादल अब भी बाकी थे।
शायद हर बारिश
सिर्फ़ धरती को नहीं,
किसी पुराने एहसास को भी
भिगो जाती है।
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